
महुली सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_दुद्धी तहसील क्षेत्र के महुली में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदाय की ओर से विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। गोड़राजे राजा बरियार शाह युवा संगठन पोलवा एवं आदिवासी एकता विकास संगठन महुली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा राजा बरियार शाह मंदिर से प्रारंभ होकर महुअरिया रेलवे स्टेशन, रीवा-रांची मार्ग से होते हुए महुली खेल मैदान पहुंची।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज, जयघोष और नारों से पूरा क्षेत्र आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। शोभायात्रा के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की शानदार झलक देखने को मिली।
महुली खेल मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुषमा सिंह गौड़ तथा विशिष्ट अतिथि मनोज मिश्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं वीरेंद्र चौधरी, मंडल अध्यक्ष ने आदिवासी समाज के पूर्वजों के चित्र के समक्ष दीप एवं धूप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि सुषमा सिंह गौड़ ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, भाषा, परंपरा और विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज के लोगों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर विशेष जोर देना चाहिए। शिक्षा और सामाजिक एकता ही विकास की मजबूत आधारशिला है।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं भारतीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। युवा पीढ़ी को अपने महापुरुषों, पूर्वजों के संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार की जनजातीय विकास एवं शिक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता पर जोर दिया।
मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आपसी एकता से है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकजुटता बढ़ती है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कर्मा एवं सैला नृत्य रहा। आदिवासी समुदाय की महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक मांदर की थाप पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा खेल मैदान आदिवासी संस्कृति और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गोड़राजे राजा बरियार शाह युवा संगठन पोलवा के अध्यक्ष त्रिपुरारी सिंह, उपाध्यक्ष जितेंद्र पोयाम तथा आदिवासी एकता विकास संगठन महुली के अध्यक्ष रामलखन पनिका, उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह आयाम, सचिव सुरेश सिंह पोयाम एवं संयोजक मंदिश सिंह आयाम सहित संगठन के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान महुली अरविंद जायसवाल, उदय शर्मा, मनोज भारती, चंद्रप्रकाश प्रजापति, पितरम सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

